सोमवार, फ़रवरी 18, 2013

कडवाहट..


महफ़िलें शुरू हुई,
और हलक से उतरते ही,
फिर लगी,कडवाहट,
ज़िन्दगी सी...

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर क्या बात हैं :)

    उत्तर देंहटाएं
  2. कडवाहट न हो तो मिठास का अहसास कैसे होगा, यही जीवन है ... बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति... शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं

मेरे ब्लॉग पर आ कर अपना बहुमूल्य समय देने का बहुत बहुत धन्यवाद ..